कोडमूड़ जंगल में युवक का शव मिलने से दहशत

तेंदुए के हमले की आशंका, गांव में भय का माहौल | पुलिस और वन विभाग जांच में जुटे

नगरी। धमतरी जिले के विकासखंड नगरी के अंतिम छोर पर बसे ग्राम पंचायत जैतपुरी के आश्रित ग्राम कोडमूड़ में उस समय सनसनी फैल गई, जब जंगल किनारे एक युवक का शव संदिग्ध हालत में बरामद किया गया। शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि युवक पर किसी जंगली जानवर, संभवतः तेंदुए ने हमला किया है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार कोडमूड़ निवासी चौवतराम मंडावी, पिता सराधू मंडावी, उम्र लगभग 45 वर्ष, मंगलवार सुबह रोज की तरह भोजन करने के बाद घर से निकले थे। बताया जा रहा है कि चौवतराम जंगल की ओर गए थे, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे। पहले परिजनों ने सोचा कि शायद किसी परिचित के यहां रुक गए होंगे, मगर रात बीतने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार की चिंता बढ़ गई।

परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के खेतों, जंगल के रास्तों और गांव के नजदीकी इलाकों में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह फिर बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगल की ओर खोजबीन करने निकले। इसी दौरान जंगल के रास्ते में खून के धब्बे दिखाई दिए। खून के निशानों का पीछा करते हुए ग्रामीण कुछ दूरी तक आगे बढ़े, जहां झाड़ियों के बीच चौवतराम मंडावी का शव पड़ा मिला।

शव की हालत देखकर वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि शरीर पर गंभीर चोटों और घसीटे जाने जैसे निशान थे, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई कि किसी खूंखार जंगली जानवर ने हमला किया होगा। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि इलाके में लंबे समय से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं। गांव के आसपास कई बार मवेशियों के शिकार की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि शाम ढलते ही जंगल किनारे और सड़क के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की बातें पहले भी सामने आती रही हैं। कई बार ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना भी दी थी। लेकिन अब इंसान की मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश और डर दोनों देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते वन विभाग ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद यह घटना टल सकती थी।

बताया जा रहा है कि मृतक चौवतराम मंडावी अविवाहित थे और अपनी वृद्ध मां के साथ अलग रहकर खेती-किसानी कर जीवन यापन करते थे। उनके अचानक इस तरह मौत का शिकार हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वृद्ध मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

घटना की सूचना मिलते ही नगरी पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग की टीम आसपास के जंगलों में तेंदुए की मौजूदगी और हमले के सबूत तलाशने में जुटी हुई है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

इधर घटना के बाद कोडमूड़ और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में लगातार गश्त बढ़ाने, तेंदुए को पकड़ने और गांव की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है — क्या सचमुच चौवतराम मंडावी तेंदुए का शिकार बने हैं, या इसके पीछे कोई और रहस्य छिपा है?

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