नगरी नगर में भक्ति की अनूठी मिसाल

प्रतिष्ठित यादव परिवार द्वारा माता सीता एवं लक्ष्मण जी की भव्य मूर्ति स्थापना, पूरे नगर में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष

धमतरी/नगरी

नगरी नगर में रविवार को धार्मिक आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब नगर के प्रतिष्ठित यादव परिवार द्वारा भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण जी एवं माता सीता की भव्य प्रतिमा का पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्थापना समारोह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।

सुबह से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीत गाती नजर आईं, वहीं युवाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

इसके बाद विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन एवं प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान कराया गया। धार्मिक विधानों के अनुसार मंत्रों और पूजा-अर्चना के साथ माता सीता एवं लक्ष्मण जी की प्रतिमा स्थापित की गई। जैसे ही प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूर्ण हुई, पूरा वातावरण “जय श्रीराम”, “सीताराम” और “लक्ष्मण जी महाराज की जय” के नारों से गूंज उठा।

आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी भारतीय संस्कृति और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। माता सीता त्याग, मर्यादा और धैर्य की प्रतिमूर्ति मानी जाती हैं, वहीं लक्ष्मण जी सेवा, समर्पण और भाईचारे की मिसाल हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

यादव परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन परिवार की वर्षों पुरानी आस्था और धार्मिक भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि समाज में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए इस प्रकार के धार्मिक आयोजन आवश्यक हैं। परिवार ने सभी श्रद्धालुओं के सहयोग और सहभागिता के लिए आभार भी व्यक्त किया।

समारोह के दौरान भजन-कीर्तन और रामधुन का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्थानीय भजन मंडलियों ने भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए भगवान का गुणगान किया। शाम होते-होते पूरा आयोजन स्थल दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा, जिससे माहौल और भी दिव्य दिखाई दिया।

आयोजन के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सेवा कार्य में युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

नगरवासियों ने यादव परिवार द्वारा किए गए इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और धार्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। कई लोगों ने इसे नगरी नगर के लिए गौरव का विषय बताया।

धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम भी तैनात रही, जिन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला।

इस भव्य मूर्ति स्थापना समारोह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि नगरी नगर में धार्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था आज भी गहरी और अटूट है।

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