विकास, व्यापार और पर्यटन का केंद्र बना नगरी, अब नगर पालिका की मांग

सुशासन तिहार में सबसे ज्यादा आवेदन, विकास की नई पहचान बनना चाहता है नगरी

नगर पंचायत नगरी को नगर पालिका बनाने उठी जनआवाज

धमतरी जिले के अंतिम छोर पर बसे नगरी क्षेत्र से अब विकास की एक बड़ी मांग जोर पकड़ने लगी है। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के दौरान इस बार सबसे ज्यादा जिस मुद्दे ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान खींचा, वह था — नगर पंचायत नगरी को नगर पालिका परिषद का दर्जा दिलाने की मांग।

सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे हजारों नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि अब नगरी सिर्फ एक छोटा कस्बा नहीं रहा, बल्कि तेजी से उभरता हुआ शहरी केंद्र बन चुका है। लोगों ने आवेदन देकर शासन से मांग की कि नगरी को नगर पालिका बनाकर यहां के विकास को नई दिशा दी जाए।

लगभग 65 किलोमीटर दूर धमतरी जिला मुख्यालय से स्थित नगरी क्षेत्र आज आसपास के गांवों और सिहावा अंचल का सबसे बड़ा व्यापारिक एवं सेवा केंद्र बन चुका है। करीब 45 किलोमीटर की परिधि में बसे गांवों के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, बैंकिंग, परिवहन और अन्य जरूरी कामों के लिए रोजाना नगरी पहुंचते हैं।

नगरवासियों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में नगरी की आबादी तेजी से बढ़ी है। बाहरी व्यापारियों और निवेशकों की रुचि बढ़ी है। यहां नए व्यापार, उद्योग और फैक्ट्री स्थापित होने की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर सिहावा क्षेत्र पर्यटन हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, जिससे नगरी का महत्व और भी बढ़ गया है।

लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र का स्वरूप बदल रहा है, तब व्यवस्थाओं का स्तर भी बढ़ना चाहिए। वर्तमान में नगर पंचायत होने के कारण कई बड़े विकास कार्य सीमित बजट और संसाधनों के कारण अधूरे रह जाते हैं। यदि नगरी को नगर पालिका का दर्जा मिलता है तो यहां आधुनिक बस स्टैंड, चौड़ी सड़कें, बेहतर नाली और पेयजल व्यवस्था, बाजार विस्तार, चौपाटी निर्माण, खेल मैदान, पर्यटन विकास, तालाब सौंदर्यीकरण और आधुनिक सफाई व्यवस्था जैसे बड़े कार्य तेजी से हो सकेंगे।

नगरवासियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में नगरी क्षेत्र पूरे धमतरी जिले के सबसे विकसित नगरों में शामिल हो सकता है, लेकिन इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेना जरूरी है।

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत नगरी द्वारा नगर पालिका बनाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जिसे जल्द ही जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य शासन को भेजा जाएगा। प्रस्ताव के राजपत्र प्रकाशन की तैयारी भी शुरू होने की चर्चा है।

इस मांग को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय किसान मोर्चा मंत्री पिंकी शिवराज शाह, श्रवण मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सारवा, जनपद अध्यक्ष महेश गोटा, नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष विकास बोहरा सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी नगरी को नगर पालिका बनाने की मांग को समर्थन दिया है।

अब देखना होगा कि शासन इस जनभावना को कितनी गंभीरता से लेता है। लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि नगरी क्षेत्र अब विकास की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

नगरवासियों का एक ही सपना है —“नगरी बने नगर पालिका, और विकास पहुंचे नई ऊंचाइयों तक।”

 

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