नगरी – धमतरी। भीषण गर्मी, लगातार गिरता भूजल स्तर और सूखते तालाब… ये सिर्फ प्राकृतिक परिस्थितियां नहीं थीं, बल्कि नगरी नगर की आम जनता की रोजमर्रा की पीड़ा बन चुकी थीं। हर घर, हर परिवार एक ही चिंता से जूझ रहा था—निस्तार के लिए पानी कहां से मिलेगा? दैनिक आवश्यक कार्यों से लेकर सामाजिक और पारंपरिक कार्यों तक, पानी की कमी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया था।
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में नगरी नगर पंचायत ने केवल आश्वासन देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि ठोस संकल्प लेकर जमीनी स्तर पर काम करते हुए एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा के नेतृत्व में एक ऐसी पहल शुरू की गई, जिसने सूखते तालाबों को फिर से जीवन देने का कार्य किया।
बंद पड़ी इरिगेशन नाली बनी उम्मीद की राह
वर्षों से बंद पड़ी इरिगेशन नाली, जो एक अधूरी और उपेक्षित योजना के रूप में पड़ी थी, उसे पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया। यह कार्य आसान नहीं था, लेकिन नगर पंचायत के प्रतिनिधियों ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया।
अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष विकास बोहरा एवं समस्त पार्षदों ने इरिगेशन विभाग से लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखा। लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप सोंढूर जलाशय से पानी छोड़ने की स्वीकृति प्राप्त हुई, जो इस पूरी पहल का सबसे महत्वपूर्ण चरण साबित हुआ।
गुढ़ियारी तालाब में पहुंचा पानी, बढ़ा जलस्तर
जैसे ही पानी छोड़ा गया, वह इरिगेशन नाली के माध्यम से वार्ड क्रमांक 13 स्थित गुढ़ियारी तालाब तक पहुंचा। लंबे समय से सूखा पड़ा यह तालाब अब धीरे-धीरे भरने लगा है। तालाब का बढ़ता जलस्तर न केवल प्राकृतिक संतुलन को सुधार रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए राहत का कारण भी बन रहा है।
लोगों के चेहरों पर अब संतोष और खुशी साफ झलक रही है, क्योंकि जिस समस्या ने उन्हें लंबे समय तक परेशान किया, उसका समाधान अब नजर आने लगा है।
अगला लक्ष्य: दरियारा तालाब को भरना
नगर पंचायत की योजना केवल एक तालाब तक सीमित नहीं है। गुढ़ियारी तालाब के लबालब भरने के बाद, इसी नहर नाली के माध्यम से वार्ड क्रमांक 14 स्थित पुरानी बस्ती दरियारा तालाब को भी भरा जाएगा, जिससे और अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
एक हफ्ते की मेहनत, टीमवर्क का परिणाम
इस पूरे कार्य को सफल बनाने के लिए करीब एक सप्ताह तक लगातार मेहनत की गई। नालियों की सफाई, मरम्मत और तकनीकी सुधार जैसे कार्यों को टीमवर्क के साथ अंजाम दिया गया। नगर पंचायत के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इस कार्य को प्राथमिकता दी, जिसके परिणामस्वरूप आज यह सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
अध्यक्ष का स्पष्ट संकल्प
नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने इस अवसर पर कहा
“जनता की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। हर वर्ष इरिगेशन के माध्यम से तालाबों को भरा जाएगा और नगरी में पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि हम हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।”
टीम का सराहनीय योगदान
इस जनहितकारी कार्य में उपाध्यक्ष विकास बोहरा, पार्षदगण अश्वनी निषाद, शंकर देव, यशकरण पटेल, स्वच्छता निरीक्षक पुष्कर पाटील एवं नगर पंचायत की पूरी टीम का महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहा।
यह पहल केवल तालाब भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के विश्वास को मजबूत करने का कार्य भी कर रही है। यह दर्शाता है कि जब नेतृत्व मजबूत हो, नीयत साफ हो और कार्य के प्रति समर्पण हो, तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान संभव है।
नगर पंचायत नगरी की यह पहल न केवल वर्तमान जल संकट का समाधान है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक स्थायी और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। आने वाले समय में अन्य तालाबों को भी इसी तरह भरने की योजना है, जिससे नगरी क्षेत्र को पूर्ण रूप से जल संकट से मुक्त किया जा सके।
