नवरात्रि के दौरान जंगल में कांदा निकालने गई थीं महिलाएं, डॉक्टर बोले—समय पर इलाज मिलने से सभी खतरे से बाहर
नगरी। धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवागांव सांकरा में करु कांदा समझकर जहरीला बेचांदी कांदा खाने से तीन महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के बाद तीनों महिलाओं को उपचार के लिए नगरी स्वास्थ्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सक के अनुसार, समय रहते अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से तीनों महिलाएं फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
जंगल में कांदा निकालने गई थीं महिलाएं
मिली जानकारी के अनुसार, नवरात्रि पर्व के दौरान ग्राम नवागांव सांकरा की कुछ महिलाएं रोज की तरह जंगल में कांदा निकालने गई थीं। इसी दौरान उन्हें ऐसा कंद मिला, जो देखने में करु कांदा जैसा प्रतीत हो रहा था। देखने में समानता होने के कारण महिलाएं उसकी सही पहचान नहीं कर सकीं और गलती से बेचांदी कांदा को उबाल कर खा लिया। इसके बाद 2 मिनट मे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके चलते परिजनों ने उन्हें तत्काल नगरी स्वास्थ्य चिकित्सालय पहुंचाया।
तीनों महिलाओं का उपचार जारी
बीमार महिलाओं में बसंती पति खिलावन पुजारी(42 वर्ष), भुनेश्वरी यादव पति कुंजलाल (36 वर्ष) और पुष्पा यादव पति कुंजल यादव (36 वर्ष), कुंजल यादव निवासी ग्राम नवागांव सांकरा शामिल हैं।
तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर सिहावा क्षेत्र के सर्व यादव समाज के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश यादव युवा सक्रिय सदस्य हुमन लाल यादव वीरेंद्र यादव मनीष यादव सहित हॉस्पिटल पहुंचकर सभी से जानकारी लिया गया एवं डॉक्टर से सलाह ली गई, एवं सभी क्षेत्र वासियों को करु कांदा को पहचान कर खाने हेतु जागरुक किया गया,
इस मामले में डॉक्टर प्रवीण शांडिल्य ने बताया कि तीनों महिलाओं को समय रहते अस्पताल लाया गया। फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और उनका उपचार किया जा रहा है।
जंगल में कंद की पहचान करना जरूरी
जंगल से मिलने वाले जंगली कंद को केवल देखने में समान होने के आधार पर खाने से बचना चाहिए। किसी भी कंद की पहचान को लेकर संदेह होने पर उसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि कुछ जंगली कंद जहरीले हो सकते हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकते हैं।



