हाथी क्या खाते हैं? ‘हाथी अलर्ट ऐप’ के डेटा से बड़ा खुलासा; महुआ से ज्यादा ‘बांस करील’ और ‘तेन्दु’ पसंद कर रहे हैं गजराज

गरियाबंद । जंगलों में विचरण कर रहे हाथियों की गतिविधियों और उनके खान-पान की आदतों को समझने के लिए उपयोग किए जा रहे ‘हाथी अलर्ट ऐप’ से बेहद रोचक और महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। इन आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि हाथियों का पसंदीदा भोजन केवल महुआ नहीं, बल्कि बांस करील, तेन्दु और साल जैसी वनस्पतियां भी हैं, जिन्हें वे बड़ी मात्रा में खा रहे हैं।

वन विभाग द्वारा एकत्र किए गए डेटा के अनुसार, हाथियों ने सबसे अधिक बार ‘अन्य वनस्पतियों’ का सेवन किया, जिसे रिकॉर्ड में कुल 1175 बार दर्ज किया गया। वहीं यदि किसी विशेष प्रजाति की बात करें, तो हाथियों ने तेन्दु की जड़ और पत्तों का सेवन 430 बार किया, जो इस सूची में सबसे ऊपर रहा।

आंकड़ों ने बदली पुरानी धारणा

आमतौर पर माना जाता है कि हाथियों को महुआ सबसे ज्यादा पसंद होता है, लेकिन ऐप के डेटा ने इस धारणा को आंशिक रूप से बदल दिया है। रिकॉर्ड के अनुसार:

बांस करील का सेवन: 329 बार

साल की जड़ और पत्ते: 323 बार

महुआ: 180 बार

इससे स्पष्ट है कि हाथी महुआ की तुलना में बांस करील और साल की वनस्पतियों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।

हाथियों के पसंदीदा भोजन की सूची

डेटा में हाथियों के भोजन का विस्तृत विवरण भी सामने आया है:

मोदे/मोयन की छाल और जड़: 287 बार

विभिन्न प्रकार की घास (शुक्ला, डोबे, भोंड): 267 बार

भेवला की जड़ और पत्ते: 214 बार

छिंद जड़: 205 बार

सेन्हा/लेंडिया: 129 बार

माहुल बेल पत्ता: 125 बार

वन विभाग के लिए क्यों अहम है यह डेटा?

विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों के खान-पान का यह वैज्ञानिक डेटा भविष्य में वन प्रबंधन के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में हाथियों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध है और किन इलाकों में वनस्पतियों का संरक्षण बढ़ाने की जरूरत है।

इसके अलावा, हाथियों के प्राकृतिक कॉरिडोर और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की रणनीति बनाने में भी यह जानकारी सहायक हो सकती है।

ग्रामीणों के लिए भी बन रहा मददगार

‘हाथी अलर्ट ऐप’ केवल हाथियों की निगरानी का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट कर जनहानि और फसल नुकसान को कम करने में भी मदद कर रहा है। साथ ही यह वन्यजीवों के व्यवहारिक अध्ययन के लिए एक मजबूत वैज्ञानिक आधार तैयार कर रहा है।

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