नगरी, धमतरी। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा के नगरी आगमन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि मंत्री के कार्यक्रम के समय उनके कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नगरी थाने में रोककर रखा गया, जिससे वे अपनी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सके।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार प्रेमांशु प्रजापति (प्रदेश महासचिव प्रत्याशी एवं जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस), प्रमोद कुंजाम (जनपद सदस्य), अभिषेक बंजारे (विधानसभा अध्यक्ष), भीषम यादव (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस, नगरी), गजेंद्र नेताम, आकाश नेताम, अंकुश देवांगन, राकेश नेताम और लक्ष्य तिवारी को पुलिस द्वारा थाने में रोककर रखा गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें पहले ही थाने ले जाकर बैठा दिया गया। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक विरोध को दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने के उद्देश्य से की गई।
कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है। यदि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी आशंका थी, तो प्रशासन को संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए थी।
इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से जवाब मांगा है और कहा है कि भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह समाचार कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस-प्रशासन का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।



