नगरी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां देश और दुनिया में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोदे निवासी युवा लीफ आर्टिस्ट विकास शांडिल्य ने अपनी अनूठी कला के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया है। उन्होंने बरगद के एक पत्ते पर ऐसी कलाकृति उकेरी है, जो वर्तमान समय में पर्यावरण की वास्तविक स्थिति और उसके संभावित भविष्य को बेहद खूबसूरती से दर्शाती है।
विकास शांडिल्य द्वारा तैयार की गई इस कलाकृति में पर्यावरण के दो अलग-अलग स्वरूपों को दिखाया गया है। एक ओर मानव द्वारा प्रकृति के लगातार हो रहे दोहन और उससे उत्पन्न संकट को दर्शाया गया है, जबकि दूसरी ओर हरियाली, स्वच्छ वातावरण और सतत विकास की तस्वीर प्रस्तुत की गई है।
कलाकृति के एक हिस्से में एक कटा हुआ पेड़ दिखाई देता है, जो तेजी से हो रही वनों की कटाई की ओर संकेत करता है। इसके साथ ही जमीन पर पड़ी दवाई की बोतल पर्यावरण में फैल रहे रासायनिक प्रदूषण को दर्शाती है। वहीं कारखानों से निकलने वाला धुआं और औद्योगिक गतिविधियों के कारण बढ़ता प्रदूषण प्रकृति को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। इसका असर भूमि, जल स्रोत और जैव विविधता पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
कलाकृति में यह भी दर्शाया गया है कि प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन के कारण जल स्रोत सूखते जा रहे हैं। पेड़ों की डालियां सूख चुकी हैं और प्राकृतिक संसाधन धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुंच रहे हैं। यह दृश्य मानव समाज के लिए एक चेतावनी के रूप में प्रस्तुत किया गया है कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर कलाकार ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक चित्र भी उकेरा है। यहां हरा-भरा पेड़, स्वच्छ जल स्रोत, आकाश में उड़ते पक्षी, एक छोटा सुंदर घर, पवन चक्की और बादलों का चित्रण किया गया है। यह दृश्य उस दुनिया की कल्पना प्रस्तुत करता है, जहां प्रकृति और मानव विकास के बीच संतुलन बना हुआ है। स्वच्छ जल स्रोत जीवन के संरक्षण का प्रतीक है, जबकि पवन चक्की अक्षय ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण अनुकूल विकास का संदेश देती है।
कलाकृति में दिखाई देने वाला छोटा पौधा भविष्य की आशा और नए जीवन का प्रतीक है। यह संदेश देता है कि यदि आज हम एक पेड़ लगाएंगे और पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे प्रयास करेंगे, तो आने वाला कल हरियाली और खुशहाली से भरा होगा।
लीफ आर्टिस्ट विकास शांडिल्य ने बताया कि उनकी इस कलाकृति का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जल स्रोतों के क्षरण के कारण प्रकृति गंभीर संकट का सामना कर रही है। ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व बनता है कि वह पर्यावरण बचाने में अपनी भूमिका निभाए।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रस्तुत यह अनूठी लीफ आर्ट न केवल कला का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि समाज को प्रकृति के महत्व को समझाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का एक सार्थक प्रयास भी है। विकास शांडिल्य की यह रचना संदेश देती है कि यदि हम आज पर्यावरण की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली से भरपूर जीवन मिल सकेगा।
“पेड़ बचाइए, पर्यावरण बचाइए, क्योंकि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा।”



