नगरी, धमतरी। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत बेलर क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म होता दिखाई दे रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि क्षेत्र की नदियों और रेत घाटों से नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर अब ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में दिन और रात के समय भारी वाहनों एवं ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत परिवहन की गतिविधियां देखी जा रही हैं। उनका कहना है कि लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण ग्रामीण सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही लोगों ने दुर्घटनाओं की संभावना को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को जानकारी देने की कोशिश की गई, लेकिन कथित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि यदि क्षेत्र में खुलेआम रेत परिवहन की गतिविधियां जारी हैं तो जिम्मेदार विभागों द्वारा इस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
मामले को लेकर पर्यावरण से जुड़े लोगों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि यदि अनियंत्रित तरीके से रेत का उत्खनन जारी रहा तो इसका असर नदियों के प्राकृतिक स्वरूप, भूजल स्तर और आसपास के पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक रेत खनन नदी के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित करने के साथ-साथ भविष्य में पर्यावरणीय चुनौतियां भी खड़ी कर सकता है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग से मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इस मामले को किस गंभीरता से लेते हैं और क्षेत्रवासियों की मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

