नगरी/धमतरी।
धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवपुर निवासी शशिकांत भरत ने अपनी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और आर्थिक तंगी से परेशान होकर मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए न्याय और उपचार की गुहार लगाई है। शशिकांत भरत का कहना है कि यदि उनकी सीबीआई जांच और उचित इलाज की व्यवस्था नहीं हो सकती, तो उन्हें इच्छा मृत्यु प्रदान की जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शशिकांत भरत ग्राम देवपुर, तहसील नगरी, जिला धमतरी के निवासी हैं और पेशे से एक विद्यार्थी रहे हैं। वे धमतरी के भटगांव आईटीआई में कंप्यूटर प्रशिक्षण की पढ़ाई कर रहे थे। शशिकांत ने बताया कि 11 नवंबर 2016 को जेठोनी त्यौहार के दौरान छुट्टी होने पर वे अपने गांव देवपुर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में दुगली (गचकन्हार) गांव के पास उनके साथ एक गंभीर घटना घटित हुई।
शशिकांत का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन पर हमला किया गया और उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद उनका पूरा शरीर लकवा ग्रस्त हो गया। घटना के बाद उनके परिवार पर भारी आर्थिक संकट आ गया।
शशिकांत के अनुसार उस समय नोटबंदी की स्थिति होने के कारण उन्हें पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई। परिवार ने उनके इलाज के लिए अपनी सामर्थ्य से अधिक कर्ज लिया और ऊंचे ब्याज पर भी पैसे उधार लेकर इलाज करवाने का प्रयास किया। लेकिन लगातार बढ़ते कर्ज और आर्थिक बोझ के कारण अब परिवार आगे का इलाज कराने में असमर्थ हो गया है।
उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता की अधिकांश कमाई अब केवल लिए गए कर्ज को चुकाने में चली जाती है, जिससे उनके इलाज की व्यवस्था करना बेहद कठिन हो गया है। इसी स्थिति से निराश होकर शशिकांत ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की मांग की है।
शशिकांत भरत ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा तथा क्षेत्रीय विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम से निवेदन करते हुए कहा है कि उनके मामले की सीबीआई जांच कराई जाए तथा उन्हें बेहतर अस्पताल में भर्ती कराकर उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने विधायक से भी आग्रह किया है कि वे मुख्यमंत्री तक उनकी मांग पहुंचाने और उसे पूरा कराने में सहयोग करें।
अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बनता जा रहा है। देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और शशिकांत भरत को राहत मिलती है या नहीं।
