कांकेर। जिले के दूधावा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवडोंगर के नयापारा में बुधवार रात तेंदुए के हमले से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल निर्मित हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रात करीब 8 बजे एक तेंदुआ रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया और घर के पास मौजूद महिला मंगतिन यादव पर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला अपने घर के आसपास मौजूद थी, तभी अचानक तेंदुआ वहां पहुंच गया और हमला कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर मचाने लगे। ग्रामीणों की भीड़ और शोर-शराबे के कारण तेंदुआ वहां से भाग निकला, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि हमले में महिला घायल हो गई, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।
घटना के बाद पूरे नयापारा सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगल से लगे क्षेत्रों में जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ी हैं। कई बार ग्रामीणों ने वन विभाग को वन्यजीवों की बढ़ती मौजूदगी की जानकारी दी थी, लेकिन पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण अब लोगों की जान पर खतरा मंडराने लगा है।
ग्रामीणों ने बताया कि शाम ढलते ही लोग घरों से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं सामने आ सकती हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया गया। बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम क्षेत्र के लिए रवाना हो गई है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों में भोजन और पानी की कमी अथवा मानवीय गतिविधियों के बढ़ते दबाव के कारण कई बार तेंदुए जैसे वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय बेहद आवश्यक होता है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
फिलहाल घायल महिला की स्थिति और हमले की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। वन विभाग की जांच और अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही घटना के संबंध में अधिकृत जानकारी स्पष्ट हो पाएगी। वहीं पूरे क्षेत्र के ग्रामीण वन विभाग से त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

