नगरी। धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र से एक बार फिर दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है। खुशियों और मस्ती भरा सफर कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। तीन दोस्त घूमने निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि घर लौटते वक्त रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही होगी। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। तीसरा युवक सुरक्षित बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार अमाली नगरी निवासी पेमन ध्रुव पिता बिनाराम ध्रुव, रौशन यादव पिता कृष्णा यादव और हिथलेश, जो पेमन ध्रुव का मेहमान बताया जा रहा है, तीनों दोस्त घूमने के लिए धमतरी गए हुए थे। दिनभर धमतरी में घूमने-फिरने और समय बिताने के बाद उन्होंने माडमसिल्ली जाने का प्लान बनाया। वहां घूमने के बाद तीनों देर शाम अपने गृह ग्राम अमाली नगरी लौट रहे थे।
मृतक पेमन ध्रुव
गभीर घायल रौशन यादव
बताया जा रहा है कि बाइक पेमन ध्रुव चला रहे थे। रास्ते में गजकन्हार और कल्लेमेटा के बीच अचानक एक कीड़ा उनकी आंख में घुस गया। अचानक आंखों के सामने धुंधलापन छा गया और कुछ पल के लिए उन्हें सड़क साफ दिखाई नहीं दिया। इससे पहले कि वे बाइक को संभाल पाते, तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा भिड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। हादसे में बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल नगरी लाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों गंभीर घायलों को जिला अस्पताल धमतरी रेफर कर दिया गया।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल पहुंचते ही पेमन ध्रुव ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं रौशन यादव का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। तीसरा युवक हिथलेश सुरक्षित है, लेकिन हादसे के बाद वह भी सदमे में है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे सड़क हादसों से लोगों में डर का माहौल है। खासकर नगरी और आसपास के इलाकों में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि नगरी क्षेत्र में इतनी बड़ी सिविल अस्पताल होने के बावजूद गंभीर दुर्घटना के मामलों में मरीजों को तत्काल धमतरी रेफर क्यों कर दिया जाता है? क्या यहां गंभीर घायलों का इलाज संभव नहीं है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरी क्षेत्र में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं, लेकिन हर बार गंभीर मरीजों को धमतरी रेफर कर दिया जाता है। कई मामलों में घायल रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। लोगों का आरोप है कि यदि नगरी में ही बेहतर ट्रॉमा सुविधा और हाईटेक उपचार व्यवस्था होती, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगरी क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईटेक अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर बनाया जाए, ताकि दुर्घटना के गंभीर मामलों में लोगों को धमतरी रेफर न करना पड़े और समय पर इलाज मिल सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं गांव में एक युवा की असमय मौत से मातम का माहौल बना हुआ है। जो दोस्त कुछ घंटे पहले तक हंसी-मजाक करते हुए घूमने निकले थे, उनमें से एक अब इस दुनिया में नहीं रहा।





