धमतरी। ग्राम आमदी में 3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दुगली पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते आरोपी संजय कुमार मरकाम को दोषसिद्ध किया गया।
थाना दुगली कौहाबाहरा के अपराध क्रमांक 19/2025, धारा 103(1) बीएनएस के प्रकरण में प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी की अदालत ने 11 अगस्त 2026 को आरोपी संजय कुमार मरकाम (34 वर्ष), पिता चिंताराम मरकाम, निवासी ग्राम आमदी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं अन्य दंड से दंडित किया।
19 मई 2025 को हुई थी मासूम की हत्या
पुलिस के अनुसार, 19 मई 2025 को ग्राम आमदी में 3 वर्षीय मासूम की हत्या की घटना सामने आई थी। मामले में थाना दुगली कौहाबाहरा में अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ गवाहों के बयान दर्ज किए तथा उपलब्ध भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को विधिवत संकलित किया। जांच में आरोपी संजय कुमार मरकाम की संलिप्तता सामने आने पर उसे 20 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का टंगिया (कुल्हाड़ी) और खून लगे कपड़े बरामद कर जब्त किए गए। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद 21 जुलाई 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद 4 सितंबर 2025 को आरोप विरचित किए गए और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए।
प्रभावी विवेचना से मिली सजा
प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन, प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के परिणामस्वरूप प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी श्रीमती नमिता मिंज भास्कर के न्यायालय ने 11 अगस्त 2026 को आरोपी संजय कुमार मरकाम को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस मामले की विवेचना थाना दुगली के सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग ने की थी। उनके द्वारा साक्ष्यों का व्यवस्थित एवं प्रभावी संकलन करते हुए विवेचना को विधिसम्मत तरीके से पूरा किया गया और समय पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विवेचक प्रकाश नाग होंगे पुरस्कृत
पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय ने प्रकरण में उत्कृष्ट एवं प्रभावी विवेचना के लिए सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस द्वारा गंभीर एवं जघन्य अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से साक्ष्य संकलन तथा प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

