खौफनाक.. गरियाबंद के पटोरा में तेंदुए के जबड़े से मासूम को खींच लाए माता-पिता, 24 घंटे में दूसरा शिकार, दहल उठा इलाका

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के पटोरा गांव में इन दिनों तेंदुए का आतंक लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है। जंगल से लगे इस इलाके में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है। लोग डर के कारण अपने बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। इसी बीच पटोरा गांव में हुई एक खौफनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया।

जानकारी के मुताबिक पटोरा गांव में एक मासूम बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था। परिवार के लोग रोज की तरह अपने काम में व्यस्त थे। तभी गांव से लगे जंगल की ओर से अचानक एक तेंदुआ बाहर निकला और बच्चे पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज और अचानक था कि कुछ देर तक किसी को कुछ समझ ही नहीं आया।

तेंदुए ने बच्चे को अपने जबड़े में दबोच लिया और उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाने लगा। बच्चे की चीख सुनकर उसकी मां घर से बाहर दौड़ी। मां की आवाज सुनते ही पिता और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सामने का नजारा देखकर लोगों के होश उड़ गए। तेंदुआ मासूम को लेकर भागने की कोशिश कर रहा था।

लेकिन उस वक्त माता-पिता ने अपनी जान की परवाह नहीं की। बच्चे को बचाने के लिए वे सीधे तेंदुए से भिड़ गए। ग्रामीणों ने डंडे, पत्थर और अन्य सामान से तेंदुए को डराने की कोशिश शुरू कर दी। काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आखिरकार ग्रामीणों की भीड़ और शोर से घबराकर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

घटना के बाद पूरे पटोरा गांव में दहशत का माहौल है। घायल बच्चे को तुरंत गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के शरीर पर गहरे घाव मिले हैं, लेकिन समय रहते बचा लेने के कारण उसकी जान बच गई।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 24 घंटे के भीतर यह तेंदुए का दूसरा हमला है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण गांव के लोगों में डर और गुस्सा दोनों बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जंगल से जंगली जानवर लगातार गांव की ओर आ रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा रही।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पटोरा गांव पहुंची और इलाके का निरीक्षण किया। तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव और जंगल के आसपास पिंजरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही कैमरों की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि छोटे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें, रात के समय सतर्क रहें और समूह में ही बाहर निकलें। वहीं पटोरा और आसपास के गांवों में अब लोगों के बीच डर का माहौल साफ दिखाई दे रहा है।

यह घटना एक बार फिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की गंभीर तस्वीर सामने ला रही है। लगातार जंगल सिमटने और आबादी बढ़ने के कारण जंगली जानवर गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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