जगदलपुर बस्तर। न्यू जर्नलिस्ट छत्तीसगढ़ फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जिले की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन के लोगो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ शिक्षकों की स्थिति, एकल शिक्षक के भरोसे संचालित विद्यालयों, शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट तथा विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला माना जाता है, लेकिन ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के अनेक शासकीय विद्यालय आज भी बुनियादी सुविधाओं और पर्याप्त शिक्षकों के अभाव से जूझ रहे हैं। कई विद्यालयों में वर्षों से एक ही शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि अनेक स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक के भरोसे सभी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि कई स्थानों पर जर्जर स्कूल भवन, शिक्षकों की कमी, समय पर शैक्षणिक व्यवस्था का संचालन न होना तथा प्रशासनिक लापरवाही के कारण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
न्यू जर्नलिस्ट छत्तीसगढ़ फाउंडेशन ने कलेक्टर से मांग की कि जिले की शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ शिक्षकों की समीक्षा, आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना, एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति किया जाय सबसे हैरान करने वाली बात यह कि जिन जगहों पर स्कूलों में एकल शिक्षक के जगहों पर
पर शिक्षक दी गई थी उन्हें किस आधार पर हटाया जा रहा है युक्तिकरण संलग्नीकरण छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बंद कर दिया गया है।
