पाईकभाठा में शिक्षण सामग्री वितरण कार्यक्रम संपन्न, प्रोजेक्टर, स्मार्ट टीवी और प्रिंटर से शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
नगरी/धमतरी। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला पाईकभाठा के प्रांगण में स्वर्गीय पुनारद राम जांगड़े की स्मृति में शिक्षण सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके सुपुत्र डॉ. उमाशंकर जांगड़े ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए विभिन्न विद्यालयों एवं संकुल केंद्र को डिजिटल और शैक्षणिक उपकरण प्रदान किए।
स्वर्गीय पुनारद राम जांगड़े शासकीय माध्यमिक शाला मोंगराडीह, विकासखंड मैनपुर, जिला गरियाबंद में पूर्व प्रधान पाठक के पद पर सेवाएं दे चुके थे। उनकी स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
चार शैक्षणिक संस्थानों को मिले आधुनिक उपकरण
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों एवं संकुल केंद्र को आवश्यक उपकरण वितरित किए गए। इनमें शासकीय माध्यमिक शाला पोड़ागांव को एक प्रोजेक्टर, संकुल केंद्र पोड़ागांव को एक प्रिंटर, शासकीय प्राथमिक शाला जंगलपारा छिपली को एक प्रोजेक्टर तथा शासकीय माध्यमिक शाला बटनहर्रा को एक स्मार्ट टीवी प्रदान किया गया।
इन उपकरणों से विद्यालयों में डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ शिक्षकों को पाठ्य सामग्री को अधिक रोचक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, प्रिंटर की उपलब्धता से संकुल केंद्र के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों को भी सुविधा मिलेगी।
अतिथियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला समन्वयक संघ, धमतरी के जिला अध्यक्ष श्री जसपाल सिंह खनूजा उपस्थित रहे। वहीं, विशेष अतिथियों में शासकीय माध्यमिक शाला मल्हारी के प्रधान पाठक श्री उमेश सोम, संकुल केंद्र घठुला के समन्वयक श्री जीरु संजय रेड्डी तथा संकुल केंद्र सेमरा के समन्वयक श्री प्रमोद साहू शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने डॉ. उमाशंकर जांगड़े द्वारा अपने पिता की स्मृति में किए गए सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, डिजिटल संसाधनों के उपयोग से बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ेगी और शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
स्वर्गीय पुनारद राम जांगड़े की स्मृति में किया गया यह प्रयास शिक्षा के प्रति समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। इस पहल से ग्रामीण अंचल के विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

