सट्टा कारोबार पर कार्रवाई के बीच बड़े सवाल: कांकेर पुलिस ने धमतरी से नितिन को पकड़ा, लेकिन धमतरी पुलिस की कार्रवाई पर क्यों उठ रहे सवाल?

 

धमतरी _क्रिकेट सट्टे के कथित नेटवर्क को लेकर धमतरी में एक बार फिर पुलिस कार्रवाई और उसकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांकेर पुलिस ने शनिवार को धमतरी निवासी नितिन वरलियानी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि उसका नाम क्रिकेट सट्टे के एक मामले में सामने आया था और वह पुलिस की पकड़ से बाहर था।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति को कांकेर पुलिस ने गिरफ्तार किया, उसके धमतरी शहर में खुलेआम घूमने की चर्चा लगातार होती रही। शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों में उसके नजर आने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी आरोपी की तलाश थी तो वह लंबे समय तक पुलिस की नजर से कैसे बचा रहा?

मामला सिर्फ नितिन की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। क्रिकेट विश्वकप और आईपीएल के दौरान धमतरी में सक्रिय बताए जा रहे कथित सट्टा नेटवर्क को लेकर पहले भी कई नाम चर्चा में रहे हैं। कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई, कुछ के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई, जबकि कुछ कथित आरोपी लंबे समय तक फरार बताए जाते रहे।

दिलचस्प बात यह भी है कि छोटे-छोटे मामलों में पुलिस की ओर से तत्काल प्रेस विज्ञप्तियां जारी होती हैं। शराब या अन्य मामलों में पुलिस की कार्रवाई को प्रमुखता से बताया जाता है। लेकिन क्रिकेट सट्टे जैसे संगठित और बड़े नेटवर्क से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने को लेकर वही तत्परता क्यों नजर नहीं आती?

यदि नितिन वरलियानी के खिलाफ धमतरी कोतवाली में भी क्रिकेट सट्टे से संबंधित मामला दर्ज था, तो सवाल यह है कि उस मामले में गिरफ्तारी कब हुई, क्या कार्रवाई की गई और पुलिस ने इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की? अगर मामला दर्ज था और आरोपी लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहा, तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

शहर में चर्चा है कि आईपीएल और विश्वकप के दौरान अलग-अलग इलाकों में कथित तौर पर सट्टे का नेटवर्क सक्रिय रहा। आमापारा, रुद्री रोड की पॉश कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी रोड समेत कुछ अन्य इलाकों में सक्रिय बताए जाने वाले कई युवक भी कार्रवाई से बचते रहे। आरोप है कि कुछ लोग अब दोबारा शहर में खुलेआम घूम रहे हैं और अपना पुराना नेटवर्क सक्रिय कर चुके हैं।

*सवाल सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं*

कांकेर पुलिस की कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल सामने ला दिया है—जब धमतरी से जुड़ा आरोपी कांकेर पुलिस पकड़ सकती है, तो धमतरी पुलिस की विशेष टीमें क्या कर रही हैं?

क्या क्रिकेट सट्टे के मामलों में कार्रवाई केवल छोटे स्तर के पैनल संचालकों या रकम के साथ पकड़े गए लोगों तक सीमित है? क्या बड़े नेटवर्क, बुकी और उसके पीछे काम करने वाले कथित सिंडिकेट तक पुलिस की जांच पहुंच रही है?

और सबसे अहम सवाल—क्या धमतरी में क्रिकेट सट्टे का खेल वास्तव में खत्म हो गया है, या फिर पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ समय शांत रहने वाला नेटवर्क दोबारा सक्रिय हो चुका है?

कांकेर पुलिस की गिरफ्तारी के बाद अब निगाहें धमतरी पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। यदि शहर में क्रिकेट सट्टे का नेटवर्क सक्रिय है तो सिर्फ छोटे मामलों में कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क, बुकी, फाइनेंसर और डिजिटल लेन-देन की कड़ियों तक पहुंचना ही वास्तविक कार्रवाई मानी जाएगी।

फिलहाल कांकेर पुलिस की कार्रवाई ने धमतरी में क्रिकेट सट्टे के कथित नेटवर्क और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई पुराने सवाल फिर से जिंदा कर दिए हैं।

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