रायपुर/धमतरी, 10 जुलाई। धमतरी जिले की कुरूद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सिर्री में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र देवांगन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ शासन के 10 मंत्रियों को एक साथ ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच की मांग की। इसके साथ ही रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में ग्राम पंचायत सिर्री में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया।
ज्ञापन में ग्राम पंचायत सिर्री के सरपंच देशांत सिन्हा पर पंचायत निधि, मनरेगा कार्यों, पंचायत कर (टैक्स), निर्माण कार्यों, मुरूम उत्खनन, सामग्री खरीदी, बिल-वाउचर तथा अन्य शासकीय संसाधनों के उपयोग में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों एवं शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं। वहीं पंचायत कर के नाम पर ग्रामीणों से वसूली गई राशि के उपयोग पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायत क्षेत्र में मुरूम के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं विक्रय के माध्यम से शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
धारा 40 के तहत कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा-40 के तहत सरपंच को पद से हटाया जाए। साथ ही शासकीय धन की वसूली, दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।
इन बिंदुओं पर जांच की मांग
1. मनरेगा कार्यों एवं भुगतान की जांच।
2. पंचायत निधि से किए गए भुगतान, बिल एवं वाउचर का सत्यापन।
3. मुरूम उत्खनन, परिवहन एवं विक्रय की जांच।
4. निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता प्रमाण-पत्रों का परीक्षण।
5. बैंक खातों, आय-व्यय एवं वित्तीय अभिलेखों की जांच।
6. पंचायत कर (टैक्स) की वसूली एवं उपयोग की जांच।
7. दोष सिद्ध होने पर कानूनी एवं आपराधिक कार्रवाई।
योगेंद्र देवांगन ने क्या कहा
प्रेस वार्ता में योगेंद्र देवांगन ने कहा कि यह ग्राम सिर्री के इतिहास का पहला अवसर है जब गांव के न्याय की मांग को लेकर एक ही दिन में 10 मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा गया है। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करते रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों की अपील
ग्रामीणों ने इसे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि ग्राम पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही की लड़ाई बताया। उन्होंने शासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए सभी ग्रामीणों से इस अभियान में सहयोग देने की अपील की।
नोट: यह समाचार ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और शिकायतकर्ताओं के दावों पर आधारित है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

